नागपुर समाचार : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पहल से 40 दिव्यांगों को मिले कृत्रिम पैर, लौटा आत्मविश्वास
नागपुर समाचार : दूसरों के सहारे चलने की मजबूरी से जूझ रहे 40 दिव्यांगों को अब अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को महाल स्थित गडकरी ‘वाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगों को कृत्रिम पैर वितरित किये। कृत्रिम पैर लगाने के बाद जब लाभार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ चलकर दिखाया, तो कार्यक्रम में मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
गडकरी की पहल पर पिछले 25 वर्षों से दिव्यांगों के सशक्तीकरण और पुनर्वास के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही है। इसी प्रयास के तहत वर्ष 2015 में नागपुर में दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) की स्थापना की गई थी। यह केंद्र दिव्यांगों और उनके परिवारों को आवश्यक सेवाएं तथा सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब तक छह लाख से अधिक दिव्यांगों और अन्य लाभार्थियों ने यहां की विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया है।
30 हजार से अधिक लोगों को मिले सहायक उपकरण
गडकरी की पहल पर आयोजित दिव्यांग सहायता शिविरों के माध्यम से अब तक 30,840 दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को करीब 42 करोड़ रुपये के संहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, सितंबर 2023 से अब तक 19,089 लाभार्थियों को 16 करोड़ 55 लाख रुपये मूल्य के 84,566 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों से दिव्यांगों और बुजुर्गों को रोजमर्रा के काम करने में सहलियत मिल रही है।
कृत्रिम अंग निर्माण केंद्र से 190 से अधिक लोगों को मदद दिव्यांगों के पुनर्वास में कृत्रिम अंग
निर्माण केंद्र भी अहम भूमिका निभा रहा है। गडकरी के सांसद निधि से संचालित इस केंद्र के माध्यम से अब तक 190 से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा एलिम्को के सहयोग से आधुनिक उडी प्रिंटेड कृत्रिम अंगों के लिए जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। दिव्यांगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 67 लाख रुपये की आधुनिक मोबिलिटी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए है।
इस अवसर पर सीआरसी प्रमुख प्रफुल्ल शिंदे ने कहा दिव्यांगों को दया नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर और सुविधाओं की जरूरत है। कार्यक्रम में गडकरी के सहायक निजी सचिव डॉ. प्रवीण भालेराव भी उपस्थित थे।
